खैबर पख्तूनख्वा में मंदिर पर भीड़ ने हमला बोला, तोड़फोड़ कर आग लगाई
पाकिस्तान में एक बार मंदिर तोड़ने की घटना सामने आई है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले में बुधवार को स्थानीय लोगों की भीड़ ने एक मंदिर पर धावा बोल दिया। भीड़ ने मंदिर को तहस नहस कर लिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर को आग के हवाले कर दिया। सोशल मीडिया पर मामले की वीडियो वायरल हो रहा है।
वीडियो में भीड़ मंदिर की दीवारें और छत तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। पाकिस्तान में हिंदु अल्पसंख्यकों के खिलाफ आए दिन कुछ न कुछ होता रहता है। इसकी वहां और दुनिया के अन्य हिस्सों के ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स आलोचना करते रहते हैं।
पाकिस्तानी जर्नलिस्ट ने शेयर किया वीडियो
पाकिस्तान के एक जर्नलिस्ट के मुताबिक, हिंदुओं ने मंदिर का विस्तार करने के लिए प्रशासन से मंजूरी ले ली थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने भीड़ जुटाई और मंदिर को तोड़ डाला। यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस ने इस दौरान कोई कार्रवाई नहीं की और चुपचाप खड़ी देखती रही।
पुलिस तमाशा देखती रही
लंदन बेस्ड ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह नया पाकिस्तान है। करक में आज एक हिंदु मंदिर को बर्बाद किया। इस इलाके में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की हुकूमत है। पुलिस ने भी भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं की, क्योंकि वे धार्मिक नारे लगा रहे थे। घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है।
कट्टरपंथी पर दोहरा चरित्र सामने आया
रिसर्चर और जर्नलिस्ट राबिया महमूद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि करक में मंदिर में हिंसक भीड़ ने तोड़फोड़ की और उसे बर्बाद कर दिया। जहां भारत में हिंदुत्व के उदय पर कट्टरपंथी पाकिस्तान सरकार की निंदा करते हैं, वहीं यहां गैर-मुस्लिम पाकिस्तानियों पर हमला करने से वे नहीं चूकते।
घटना बहुत ही शर्मनाक
एक ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट इहतेशाम अफगान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह घटना बहुत ही शर्मनाक है। इससे यह साफ होता है कि हम अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। आप तक तक फेडरेशन नहीं चला सकते, जब तक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा नहीं होती।
भड़काऊ भाषण के बाद हमला किया
डेली न्यूज के मुताबिक, सुन्नी देवबंदी पॉलिटिकल पार्टी जमियत उलेमा-ए-इस्लाम-फज्ल (JUI-F) के स्पीकर ने अपनी रैली के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था। जिसके बाद भीड़ आक्रामक हो गई और मंदिर पर हमला कर दिया। हालांकि पार्टी के आमिर मौलाना अताउर रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी का मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक हो रहा था मंदिर का जीर्णोद्धार
करक जिले के तेरी गांव के मंदिर का 2015 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक विस्तार किया जा रहा था। इस मंदिर को इससे पहले 1997 में एक स्थानीय मुफ्ती ने नष्ट कर दिया था और इस पर अवैध कब्जा कर लिया था।
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